×

हज्ज और उम्रा की अनिवार्यता (हिन्दी)

سیٹنگ: सईद बिन अली बिन वहफ अल-क़हतानी

وَصف (بیانِ حال و تعارف)

हज्ज और उम्रा की अनिवार्यताः हज्ज एक महान इबादत है जिसे अल्लाह तआला ने अनिवार्य किया है और उसे उन पाँच स्तम्भों में से एक स्तम्भ क़रार दिया है जिन पर इस्लाम धर्म का आधार है। इस लेख में क़ुर्आन व हदीस की दलीलों और इज्माअ की रौशनी में यह उल्लेख किया गया है कि हज्ज और उम्रा समर्थ व्यक्ति पर जीवन में एक बार अनिवार्य है।

کتاب ڈاؤنلوڈ کریں

معلومات المادة باللغة العربية